इस्लामाबाद : ईरान और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से बिना किसी अमेरिकी प्रतिनिधि से मुलाकात किए वापस लौट गए।
सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा क्षेत्रीय कूटनीतिक पहल और संभावित अप्रत्यक्ष वार्ता के प्रयासों के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। हालांकि, ईरानी पक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे इस दौरे के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी प्रकार की प्रत्यक्ष बातचीत नहीं करेंगे।
पाकिस्तान ने इस दौरान मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय बैठकें भी आयोजित की गईं, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच आमने-सामने बातचीत नहीं हो सकी।
ईरान की ओर से यह रुख दोहराया गया कि किसी भी प्रकार की बातचीत केवल अप्रत्यक्ष माध्यमों या मध्यस्थता के जरिए ही संभव है। वहीं, अमेरिकी पक्ष की ओर से भी इस मामले में औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया की जटिल कूटनीतिक परिस्थितियों और ईरान-अमेरिका संबंधों में जारी तनाव को दर्शाता है। हालांकि, दोनों देशों ने भविष्य में बातचीत की संभावना को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
