डेस्क: बांग्लादेश में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद पहला आम चुनाव संपन्न हुआ। शुरुआती रुझानों के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है।
गुरुवार को 299 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए मतदान और जारी मतगणना रुझानों के मुताबिक, बीएनपी ने अपने प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन पर स्पष्ट और मजबूत बढ़त बना ली है। आंकड़ों के अनुसार, बीएनपी ने 165 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और कई सीटों पर आगे चल रही है, जबकि जमात समर्थित गठबंधन केवल 45 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान, जिन्होंने 17 साल के निर्वासन के बाद देश लौटकर चुनावी मैदान में कदम रखा, ने अपना दबदबा साबित किया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने ढाका-17 और बोगरा-6 जैसी अहम सीटों पर जीत दर्ज की है। उनकी जीत की खबर के बाद बीएनपी कार्यकर्ताओं में उत्सव का माहौल है। इसके अलावा पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, मोहम्मद असदुज्जमान और रुमीन फरहाना भी जीत की ओर अग्रसर हैं।
यह चुनाव बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहला मौका है जब शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग चुनावी मैदान से पूरी तरह अनुपस्थित रही। भारत में निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना ने चुनाव को “सोची-समझी धोखाधड़ी” और “प्रहसन” करार दिया है। वहीं, अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। अंतिम परिणाम शुक्रवार दोपहर तक आने की उम्मीद है। यदि मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं, तो तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
बीएनपी ने जीत का दावा किया
तारिक रहमान की अगुआई वाली बीएनपी ने आधिकारिक तौर पर जीत का दावा कर दिया है। पार्टी के एक नेता ने कहा, “यह जीत अपेक्षित थी। यह कोई आश्चर्य नहीं कि बांग्लादेश के लोगों ने बीएनपी में भरोसा जताया। पार्टी लोगों के सपनों को साकार करने में सक्षम है। हालांकि, अभी बहुत सारी चुनौतियां हैं और यह जश्न का समय नहीं है।”













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