नई दिल्ली:भारत ने गुरुवार को नाटो प्रमुख मार्क रूट्टे के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने रूस के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों, खासकर भारत, चीन और ब्राज़ील को सेकेंडरी सैंक्शंस की धमकी दी थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने ‘डबल स्टैंटर्ड’ को लेकर सख्त चेतावनी दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमने इस विषय पर रिपोर्ट्स देखी हैं और घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं। मैं दोहराना चाहता हूं कि हमारे लोगों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करना हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम यह फैसला बाजार में क्या उपलब्ध है और दुनिया में कैसी स्थिति है, इसे देखकर लेते हैं। ऐसे मामलों में हम खास तौर पर डबल स्टैंडर्ड्स से बचने की सलाह देंगे।”
नाटो चीफ ने क्या कहा था
नाटो प्रमुख रूट्टे ने वॉशिंगटन में अमेरिकी सीनेटरों थॉम टिलिस और जीन शाहीन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत, चीन और ब्राज़ील से रूस के साथ अपने आर्थिक रिश्तों पर पुनर्विचार करने को कहा था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस ने शांति वार्ता के लिए गंभीरता नहीं दिखाई, तो ये देश “100 प्रतिशत सेकेंडरी सैंक्शंस” के दायरे में आ सकते हैं।
रूट्टे ने कहा था, “अगर आप बीजिंग, दिल्ली या ब्राजील में हैं, तो आपको इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह आप पर भारी पड़ सकता है… पुतिन को फोन करें और उसे कहें कि वह शांति वार्ता को लेकर गंभीर हो, वरना इसका सीधा असर भारत, चीन और ब्राज़ील पर पड़ेगा।”
उनका यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने और रूस को 50 दिनों के भीतर शांति वार्ता शुरू करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ऐसा न करने पर रूस के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों पर पूर्ण सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।













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