नई दिल्ली: नेपाल के रास्ते पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय मुद्रा को भारत में लाकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का प्रमुख सदस्य अबुल इनाम उर्फ लादेन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर रात बासोपट्टी और नगर थानों की संयुक्त कार्रवाई में उसे शहर के कोतवाली चौक स्थित आवास से दबोचा गया।
गिरफ्तारी के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लादेन से कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जयनगर डीएसपी राघव दयाल ने बताया कि पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक अंसारी उर्फ मो. मस्तान की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मार्च 2025 में पहले ही खुल चुका था। उस समय जाली नोट खपाने के तीन सदस्य—रशीद जमाल, हाजी मोहम्मद ओवैस और ताहिर—को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से 13,800 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा, 8,000 रुपये के नकली नेपाली नोट और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे।
जांच में यह भी पता चला कि अबुल इनाम का सोना व्यापारी और अवैध हथियार तस्करों से गहरा संबंध है। पूर्व में गिरफ्तार ताहिर के मोबाइल की जांच में विदेशी और देशी पिस्टल की तस्वीरें और सोने के बिस्किट की कई तस्वीरें पुलिस को मिली थीं। इसके अलावा, अन्य आरोपियों के मोबाइल में भी हथियार और गिरोह से जुड़े सबूत मिले।
मधुबनी व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी दिवानंद झा ने मंगलवार को अबुल इनाम को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एसपी मधुबनी योगेद्र कुमार ने बताया कि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी है ताकि गिरोह की अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके।













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