स्पोर्ट्स डेस्क : भारत ने श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित आईटीएफ एशिया अंडर-१४ विकास चैंपियनशिप फाइनल्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता २९ मार्च से १० अप्रैल २०२६ तक चली, जिसमें भारत ने कुल १४ देशों के बीच मजबूत चुनौती पेश की और अंततः चीनी ताइपे से पीछे रहते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया।
भारत की ओर से पुणे के पुणीत मनोहर और श्रीष्टी किरण ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर प्रतिष्ठित २०२६ विंबलडन अंडर-१४ चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई भी कर लिया।
भारतीय टीम में कर्नाटक के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला, जिसमें श्रीष्टी किरण, पद्मप्रिया रमेश कुमार और पुणीत मनोहर के साथ पंजाब के तानिश नंदा शामिल थे। टीम ने सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए कुल अंकों में मजबूत बढ़त बनाए रखी।
पुरुष वर्ग में पुणीत मनोहर सबसे प्रमुख खिलाड़ी रहे। उन्होंने सप्ताह-१ में शानदार वापसी करते हुए हांगकांग के हिम वोंग को फाइनल में २-६, ७-५, ६-२ से हराकर खिताब जीता। इस मुकाबले में उन्होंने एक मैच प्वाइंट भी बचाया और दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया। इसके अलावा, उन्होंने सप्ताह-२ में पुरुष युगल में उपविजेता स्थान भी हासिल किया।
बालिका वर्ग में श्रीष्टी किरण ने लगातार स्थिर प्रदर्शन करते हुए दोनों सप्ताहों में सिंगल्स फाइनल तक का सफर तय किया और दो बार उपविजेता रहीं। सप्ताह-१ के फाइनल में उन्हें चीनी ताइपे की के-चिएह शू से हार का सामना करना पड़ा। इसी सप्ताह उन्होंने बालिका युगल में भी उपविजेता स्थान प्राप्त किया।
पद्मप्रिया रमेश कुमार और तानिश नंदा ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। पद्मप्रिया ने श्रीष्टी के साथ मिलकर सप्ताह-१ में बालिका युगल में उपविजेता स्थान हासिल किया, जबकि तानिश नंदा ने सप्ताह-२ में पुरुष युगल में उपविजेता रहते हुए सिंगल्स सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने इंडोनेशिया के शीर्ष वरीय खिलाड़ी फ्रांस एथन को हराकर ध्यान आकर्षित किया।
इन शानदार प्रदर्शन के आधार पर कर्नाटक के इन खिलाड़ियों को ग्रैंड स्लैम प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा एशियाई टेनिस महासंघ यूरोप अंडर-१४ विकास टीम के लिए भी चुना गया है।
श्रीष्टी किरण ने अपनी उपलब्धि पर कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विंबलडन के लिए क्वालीफाई करना उनके सपने के पूरा होने जैसा है और वह घास के कोर्ट पर खेलने को लेकर उत्साहित हैं।
पुणीत मनोहर ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर खेलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, प्रशिक्षण तथा परिवार और प्रशिक्षकों के सहयोग का परिणाम है।
भारतीय टेनिस के इस प्रदर्शन पर कर्नाटक राज्य लॉन टेनिस संघ के संयुक्त सचिव सुनील याजमान ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय टेनिस के बढ़ते स्तर का प्रमाण है और इन युवा खिलाड़ियों में भविष्य की अपार संभावनाएँ दिखाई देती हैं।












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