नई दिल्ली: बंगाल में स्कूली बच्चों को पीएम पोषण स्कीम के तहत मुहैया कराए जाने वाले मिड-डे मील में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कुछ समय पहले ऐसी ही गड़बड़ियों की जांच के लिए केंद्र ने एक संयुक्त दल का भी गठन किया था। इस बीच केंद्र सरकार ने बंगाल में मिड-डे मील से जुड़ी एक और बड़ी आर्थिक गड़बड़ी को उजागर किया है।
काले धन को सफेद करने के लिए अपनाया जा रहा हथकंडा
इसमें स्कीम के फंड में पहले एक बड़ी धनराशि डाली गई। बाद में उस राशि को कई संदिग्ध खातों में ट्रांसफर किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस अनियमितता के सामने आने के बाद राज्य सरकार को फटकार लगाई है। साथ ही इसे लेकर जल्द ही रिपोर्ट देने को भी कहा है। आशंका यह भी है कि राज्य सरकार की ओर से काले धन को सफेद बनाने के लिए यह हथकंडा अपनाया जा रहा है।
आर्थिक गड़बड़ियों के भेजे गए दस्तावेज
इस बीच केंद्रीय स्कूली शिक्षा सचिव के निर्देश पर राज्य के प्रमुख सचिव शिक्षा को एक कड़ा पत्र लिखा गया है। इसके साथ प्रमाण के तौर पर पीएम पोषण स्कीम में की गई आर्थिक गड़बड़ियों के दस्तावेज भी भेजे गए हैं।
पीएम पोषण स्कीम के फंड से भेजी गई राशि
मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, यह आर्थिक अनियमिताएं तब उजागर हुईं जब बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में कुछ ऐसे बैंक से जुड़े लेन-देन के दस्तावेज मंत्रालय के हाथ लगे, जिसे पीएम पोषण स्कीम के नाम पर ट्रांफसर किया गया था। हालांकि, पड़ताल की गई तो पता चला यह राशि पीएम पोषण स्कीम के फंड से भेजी गई है।
तीन हजार करोड़ से अधिक की है राशि
इसके बाद तो मंत्रालय ने पीएम पोषण स्कीम के फंड की जांच की तो इनमें बड़े पैमाने पर ऐसी राशि के जमा होने का पता चला जो कहां से आयी इसका कोई लेखाजोखा नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह राशि तीन हजार करोड़ से अधिक की है। गौरतलब है कि बंगाल को लेकर लंबे समय से यह शिकायत मिल रही है कि वह केंद्र से मिलने वाली राशि का दूसरे मद में इस्तेमाल कर रहा है।













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