डेस्क:दिल्ली-एनसीआर में वर्चस्व और जबरन वसूली को लेकर गैंगवार का खूनी खेल जारी है। इलाके में सक्रिय करीब दर्जनभर गैंग दो गुटों में बंट गए हैं, जो एक-दूसरे के खिलाफ हथियार उठाए खड़े हैं। दो साल के भीतर गैंगवार की 20 से ज्यादा छोटी-बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।
गैंगवार की ताजा घटना दिल्ली के बवाना इलाके में हुई, जहां मॉर्निंग वॉक कर रहे 30 साल के युवक को कुछ बदमाशों ने गोली मार दी थी। गोलीबारी में मारा गया दीपक, तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर मंजीत महाल का भांजा था। वारदात में मंजीत के कट्टर विरोधी गैंगस्टर विदेश में बैठे कपिल सांगवान उर्फ नंदू का हाथ था। गैंगवार में अब तक दर्जनों हत्याएं हो चुकी हैं, वहीं कई वारदातों में गैंग के गुर्गे गोलीबारी में घायल भी हुए हैं। गैंगवार की जड़ें दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान तक फैल चुकी हैं।
पुलिस भले ही गैंग लीडरों को जेल में डाल रही हो, लेकिन ऑपरेशन की कमान अब उनके गुर्गों ने संभाल ली है। इन पर शिकंजा कसने की कोशिश होती है तो विदेश में बैठे सदस्य सोशल मीडिया, सिग्नल ऐप और वर्चुअल नंबरों के जरिए नेटवर्क संभाल लेते हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन गिरोहों का संचालन जेल के भीतर से लेकर विदेशों तक हो रहा है। एजेंसियां लगातार प्रत्यर्पण के जरिए विदेशी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक सीमित सफलता ही मिल पाई है।
28 गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई चल रही
अब फरार गैंगस्टर और आतंकियों द्वारा काली कमाई से अर्जित चल-अचल संपत्ति को जब्त किया जा रहा है। साथ ही ऐसे बदमाशों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) भी लगाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेश से ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर की एक सूची तैयार की है। ये देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं और इन्हें विदेशी एजेंसियों के सहयोग से पकड़ने की तैयारी है। सूची में एनसीआर के गैंगस्टर सहित कुल 28 अपराधियों के नाम शामिल हैं।
पहला गुट: बंबीहा गैंग
इस गुट की कमान देवेंद्र बंबीहा गैंग के लकी पटियाल के पास है, जो विदेश से ऑपरेशन चला रहा है। इसके साथ नीरज बवाना गैंग, सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया, कौशल गैंग और पश्चिमी यूपी के सुनील राठी गैंग का गठजोड़ बना हुआ है। इस गठजोड़ के गुर्गों से आईएसआई के एजेंट स्लीपर सेल के जरिए किसी न किसी बहाने से संपर्क साधने की कोशिश करते हैं।
दूसरा गुट: लॉरेंस बिश्नोई
दूसरा गुट बंबीहा गैंग का प्रतिद्वंदी लॉरेंस बिश्नोई का है। इस गुट के साथ मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी, काला जठेड़ी, सूबे गुर्जर और अशोक प्रधान के गैंग जुड़े हैं। इस गिरोह के विदेशी गुर्गों से भी पाक खुफिया इकाई आईएसआई संपर्क में रहने की कोशिश करता है और उन्हें लॉजिस्टिक और तकनीकी मदद पहुंचाने की सूचनाएं मिली हैं। यह गुट लगातार अपने नेटवर्क को विस्तार दे रहा है।
करीब 250 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट बंद
दिल्ली पुलिस अब तक 250 से अधिक ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट बंद करा चुकी है जो गैंगस्टरों के नाम पर चल रहे थे। इनमें से कई अकाउंट फर्जी नंबर और ईमेल से बनाए गए थे। जांच में सामने आया कि ये अकाउंट विदेशों से ऑपरेट हो रहे थे।
विदेशों में छिपे गैंगस्टर
| गैंगस्टर | ठिकाना |
|---|---|
| अर्श डल्ला | कनाडा |
| गोल्डी बराड़ | अमेरिका |
| हिमांशु भाऊ | अमेरिका |
| साहिल | अमेरिका |
| लकी पटियाल | आर्मेनिया |
| अमरजीत बिश्नोई | इटली |
| नोनी राणा | इटली |
| रोहित गोदारा | न्यूजीलैंड |
| राशिद केबलवाला | थाईलैंड |













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