डेस्क : चीन के सिचुआन प्रांत से सामने आई नई सैटलाइट तस्वीरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। 2022 से 2026 के बीच ली गई उपग्रह छवियों के विश्लेषण में संकेत मिले हैं कि चीन ने इस इलाके में बड़े पैमाने पर भूमिगत ढांचे विकसित किए हैं, जिन्हें विशेषज्ञ परमाणु हथियारों से जुड़े ठिकानों के रूप में देख रहे हैं। इस संबंध में The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीते कुछ वर्षों में चीन ने अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज गति दी है।
जियोस्पेशल इंटेलिजेंस विशेषज्ञों के अनुसार, 2019 के बाद से चीन ने परमाणु अवसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। सिचुआन के जिटॉन्ग क्षेत्र में पहाड़ी घाटियों के बीच बड़े-बड़े बंकर और भूमिगत संरचनाएं तैयार की गई हैं। उपग्रह चित्रों में पाइपलाइनों का जाल और सुरंगनुमा निर्माण दिखाई देते हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि यहां पहाड़ों को काटकर सुरक्षित परमाणु अड्डे बनाए गए हैं।
वैश्विक स्तर पर पहले से ही परमाणु हथियारों को लेकर तनाव बना हुआ है। एक ओर United States और Iran के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तीखा टकराव जारी है, वहीं दूसरी ओर चीन की गतिविधियां भी सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन लगातार अपनी स्ट्रैटजिक पोजीशन मजबूत करने में जुटा है। 2020 में अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया था कि चीन गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण गतिविधियों में संलग्न है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने यह भी कहा था कि चीन और रूस को अमेरिका के साथ नए परमाणु हथियार समझौते का हिस्सा बनना चाहिए। अमेरिका और रूस के बीच मौजूदा आर्म्स कंट्रोल व्यवस्थाओं के कमजोर पड़ने के बाद वॉशिंगटन की ओर से चीन को भविष्य के किसी भी संभावित समझौते में शामिल करने की मांग उठती रही है।
अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Pentagon के एक अनुमान के मुताबिक 2024 के अंत तक चीन के पास 500 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं, जबकि 2030 तक यह संख्या 1,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया जाता है। हालांकि वर्तमान में चीन की परमाणु क्षमता रूस और अमेरिका की तुलना में काफी कम है और विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दशक में भी वह रूस के बराबर नहीं पहुंच पाएगा।
चीन की इन गतिविधियों ने एशिया ही नहीं, बल्कि वैश्विक सामरिक संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
