आज सावन का तीसरा सोमवार है — वो पावन तिथि जिसे वेद-पुराणों और शिव महापुराण में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव का ध्यान कर जो भी भक्त उनसे प्रार्थना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। आज का दिन शिवभक्ति के लिए न सिर्फ शुभ है, बल्कि दिव्य फल देने वाला भी माना गया है।
मां पार्वती को इसी दिन मिला था शिव से वरदान
शिव महापुराण के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तप किया था। उन्होंने सावन के तीसरे सोमवार को विशेष रूप से उपवास रखा और शिवजी की आराधना की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें अपनी पत्नी बनने का वरदान दिया था। इसी के कारण आज के दिन व्रत रखने की परंपरा और आस्था और भी गहराई से जुड़ी हुई है।
कुंवारी कन्याओं के लिए खास, विवाहित महिलाओं को मिलता है सौभाग्य
धार्मिक मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने वाली कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है, जबकि विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। आज के दिन का व्रत वैवाहिक सुख, प्रेम, समर्पण और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है।
बन रहे हैं शुभ योग: चंद्र, शनि और बुध का प्रभाव
इस बार के तीसरे सोमवार को चंद्रमा, शनि और बुध का सकारात्मक संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन और भी अधिक फलदायी हो गया है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज व्रत रखने से कष्ट दूर होते हैं, रोगों से मुक्ति मिलती है, और जीवन की बाधाएं एक-एक कर समाप्त होती जाती हैं। घर में सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है।
व्रत और पूजन की विधि
जो भक्त आज व्रत रख रहे हैं, वे सुबह स्नान कर साफ-सफाई के बाद भगवान शिव की पूजा करें।
🔹 ओम् नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
🔹 शिवलिंग पर गंगाजल या मिश्री मिले जल से अभिषेक करें।
🔹 बेलपत्र, सफेद फूल और चावल अर्पित करें।
🔹 “ॐ गौरीशंकराय नमः” मंत्र का जाप करते हुए भगवान से अपनी कामना कहें।
🔹 संध्या के समय शिव चालीसा का पाठ करें और दीप प्रज्ज्वलित करें।
अंत में…
सावन का यह तीसरा सोमवार केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और प्रेम की गूंज है। मां पार्वती की भांति तप और समर्पण से किया गया यह व्रत जीवन के हर मोड़ पर संबल देता है। शिवजी की कृपा से न केवल जीवन में सुख-सौभाग्य आता है, बल्कि मन को भी अद्भुत शांति का अनुभव होता है।
हर हर महादेव!
ॐ नमः शिवाय।













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