डेस्क:बिहार में चुनाव होने में अब कुछ ही महीने बचे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े फेरबदल किए हैं। जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी से लेकर जिलाध्यक्षों तक की नियुक्ति की गई। कई प्रकोष्ठों का गठन किया गया। नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई। लेकिन जिसको लेकर पार्टी में नाराजगी दिखने लगी है। मंगलवार को सदाकत आश्रम में उस समय अजीब स्थिति हो गई, जब कई कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। पार्टी के अंदर पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से नाराज होकर नारेबाजी की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अहम पदों पर बाहरी और पार्टी में शामिल नए लोगों को जिम्मेवारी दी जा रही है। जबकि पुराने और समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष कुंदन गुप्ता और किसान प्रकोष्ठ से जुड़े राजकुमार शर्मा ने संगठन में उपेक्षा का आरोप लगाया है। सदाकत आश्रम में महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे बैठे कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने दूसरे दल से आए नेताओं को तरजीह देने का आरोप लगाया।
इस मौके पर धरने में शामिल हबीबुल्लाह अंसारी ने कहा कि अति पिछड़ा प्रकोष्ठ हो या किसान प्रकोष्ठ इसमें अध्यक्ष के पद पर दूसरे दल से आए नेता को जगह दी गई है। जिला अध्यक्षों का भी चयन किया गया है उसमें कई जिले ऐसे हैं, जहां पर दूसरे दल से आए नेताओं को जिला अध्यक्ष की कुर्सी दी गई है। इन्ही सब मामलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।













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