डेस्क : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है। गैस महंगी होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लागत बढ़ गई है, जिसके चलते खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद छोटे व्यापारियों के सामने लागत का संकट खड़ा हो गया है। चाय की दुकानें, नाश्ते के ठेले और छोटे होटल संचालकों का कहना है कि बढ़ती गैस कीमतों के कारण पुराने दाम पर सामान बेचना अब संभव नहीं रह गया है।
खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार, पहले से ही आटा, तेल और अन्य कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में गैस महंगी होने से लागत और बढ़ गई है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ सकता है। कई स्थानों पर चाय, समोसा और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि कीमतों में लगातार वृद्धि जारी रही, तो उन्हें मजबूरन दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। इसका असर खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अधिक पड़ेगा, जो रोजमर्रा में बाहर खाने-पीने पर निर्भर रहते हैं।
वहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है, लेकिन बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ महंगे होने की आशंका बनी हुई है।













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