डेस्क : प्रख्यात गायिका ऊषा मंगेशकर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बहनों लता मंगेशकर और आशा भोसले को याद करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में अपनी दोनों बड़ी बहनों को खो देने का दर्द उनके जीवन में गहरा खालीपन छोड़ गया है।
कार्यक्रम में बातचीत के दौरान ऊषा मंगेशकर ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने अपनी दो सबसे करीबी और बड़ी बहनों को खोया है। यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा सदमा रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि इस व्यक्तिगत क्षति ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया है और अब अकेलापन तथा उदासी उनके जीवन का एक स्थायी हिस्सा बन गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनके पास अपनी बहनों के साथ बिताए अनगिनत पल और यादें हैं, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है। हर याद उनके लिए अनमोल है, लेकिन उन्हीं यादों के साथ जीना भी एक चुनौती बन गया है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कठिन समय में खुद को संभालने के लिए उन्होंने एक तरीका अपनाया है—घर में बैठकर दुखी होने के बजाय बाहर निकलना। उनके अनुसार, लोगों से मिलना-जुलना और खुद को व्यस्त रखना मन को हल्का करने में मदद करता है।
गौरतलब है कि मंगेशकर परिवार भारतीय संगीत जगत का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। लता मंगेशकर और आशा भोसले ने दशकों तक अपनी आवाज से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। ऐसे में उनके जाने के बाद परिवार के साथ-साथ देशभर में शोक की लहर देखी गई थी।
ऊषा मंगेशकर की यह भावुक प्रतिक्रिया एक बार फिर यह दर्शाती है कि मंच की चमक-दमक के पीछे कलाकारों के जीवन में भी गहरे व्यक्तिगत दर्द और यादें छिपी होती हैं।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
