डेस्क : एयर इंडिया अपनी उड़ानों में सेवाओं के ढांचे में बदलाव की तैयारी कर रही है। कंपनी अब फ्लाइट में दिए जाने वाले भोजन को वैकल्पिक बनाने पर विचार कर रही है, जिससे टिकट की कीमतों में कमी आ सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव मुख्य रूप से घरेलू और कम अवधि की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू किया जा सकता है। योजना के तहत टिकट में शामिल भोजन को अलग कर दिया जाएगा। ऐसे में जो यात्री भोजन नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें कम कीमत पर टिकट उपलब्ध कराया जा सकेगा, जबकि अन्य यात्री अतिरिक्त शुल्क देकर भोजन ले सकेंगे।
बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने पर टिकट कीमत में लगभग 200 से 300 रुपये तक की कमी संभव है। एयरलाइन का मानना है कि इससे उन यात्रियों को लाभ मिलेगा जो कम खर्च में यात्रा करना चाहते हैं और अतिरिक्त सेवाओं का उपयोग नहीं करते।
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब विमानन कंपनियों पर परिचालन लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ईंधन की ऊंची कीमतें और अन्य खर्चों में वृद्धि के चलते एयरलाइंस नए राजस्व मॉडल तलाश रही हैं। इसी क्रम में सेवाओं को अलग-अलग कर ‘पे-एज़-यू-यूज़’ मॉडल अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
जानकारों के मुताबिक, यह वैश्विक विमानन उद्योग में पहले से प्रचलित व्यवस्था है, जहां यात्री अपनी जरूरत के अनुसार सेवाएं चुनते हैं और उसी के अनुसार भुगतान करते हैं। इससे एयरलाइंस को लागत नियंत्रित करने में मदद मिलती है, साथ ही यात्रियों को अधिक विकल्प मिलते हैं।
फिलहाल एयर इंडिया की ओर से इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।













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