नई दिल्ली : अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अब तक इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट और समुद्री बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जबकि संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत आइसोलेशन और मेडिकल जांच की व्यवस्था भी की गई है।
केंद्र सरकार ने राज्यों और स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, सुरक्षा उपकरणों और आइसोलेशन वार्ड की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को इबोला जांच के लिए प्रमुख केंद्र बनाया गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी और दस्त शामिल हैं। गंभीर मामलों में आंतरिक रक्तस्राव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।













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