डेस्क: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल के दो दिवसीय दौरे के दौरान टेक्नोपार्क में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के पेशवरों से बातचीत के दौरान कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं होते तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी उद्यमिता से जुड़े होते।
गांधी ने कहा, “कई लोगों ने मुझे केवल नेता के रूप में परिभाषित किया है, लेकिन वास्तव में मैं और भी कई क्षेत्रों में काम कर सकता हूँ। किसी को केवल नेता, तकनीकी विशेषज्ञ या इंजीनियर कह देना परिभाषाओं को सीमित करना है। यदि मैं राजनीतिक संगठन में नहीं होता, तो शायद मैं एयरोस्पेस के क्षेत्र में कोई उद्यम चला रहा होता। मैं पायलट भी हूँ; मेरे पिता और चाचा संजय गांधी भी पायलट रहे हैं, इसलिए हमारे परिवार में इसकी एक परंपरा रही है। हमें हर चीज के प्रति जिज्ञासु होना चाहिए और खुला दिमाग रखना चाहिए, तभी हम चीजों को आपस में जोड़ सकते हैं।”
चीन पर राहुल गांधी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने चीन की औद्योगिक प्रगति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन ने विश्व में उत्कृष्ट और बेजोड़ औद्योगिक प्रणाली का निर्माण किया है, लेकिन वे लोकतांत्रिक नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमने चीन को विश्व में औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ने दिया, और यह गलती हमें सुधारनी होगी।”
शिवगिरि मठ का दौरा
गांधी ने शनिवार को वर्कला स्थित शिवगिरि मठ का भी दौरा किया। मठ के अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद और अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत केसरी रंग की बड़ी माला पहनाकर किया। इस दौरान गांधी ने मठ के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और श्री नारायण गुरु की समाधि पर मत्था टेका।
गांधी ने इस दौरे के बाद फेसबुक पर लिखा, “मैंने शिवगिरि मठ में दर्शन किए, जो श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं से प्रेरित एक पवित्र स्थल है। उनके सत्य, समानता और करुणा के शाश्वत संदेश हमारे मार्ग को हमेशा रोशन करते रहेंगे।”
गांधी ने कोल्लम में महात्मा गांधी और श्री नारायण गुरु के बीच हुई मुलाकात की शताब्दी के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, विधायक पी.सी. विष्णुनाध और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।













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