लाडनूं : योगक्षेम वर्ष के मंगल प्रवास के दौरान जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी प्रतिदिन के लिए निर्धारित विषय के आधार पर अपना मंगल प्रवचन...
भारतीय ज्योतिष और रत्नशास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व माना गया है। प्रत्येक रत्न किसी न किसी ग्रह की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है और उसी के अनुरूप जीवन पर...
जयपुर : मानसरोवर स्थित इस्कॉन रोड के अमृत नगर में बुधवार को आयोजित प्रवचन सभा में “हिंसा – अहिंसा का विवेक” विषय पर उद्बोधन देते हुए मुनि श्री तत्त्व रुचि जी...
लाडनूं :जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा प्रणेता, महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने बुधवार को सुधर्मा सभा में उपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ को आज के...
वास्तु शास्त्र में दिशाओं को केवल स्थान नहीं, बल्कि ऊर्जा के जीवंत केंद्र माना गया है। इन्हीं दिशाओं में उत्तर-पूर्व दिशा—जिसे ईशान कोण कहा जाता है—सबसे सूक्ष्म, पवित्र और प्रभावशाली...
आज आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। बुधवार का दिन बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता का प्रतीक माना जाता है। आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संकेत दे...
जयपुर | 23 जून 2026, मंगलवार। जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में विराजमान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री तत्त्व रुचि जी तरुण ने श्रद्धालुओं की भक्ति और सेवा...
लाडनूं : करीब 37 वर्षों बाद जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के श्रद्धालुओं को योगक्षेम वर्ष का लाभ प्रदान करने वाले तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, महातपस्वी, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने मंगलवार...